एक घने जंगल में स्विफ्ट नाम का एक शक्तिशाली घोड़ा घूम रहा था। सूरज ढलने वाला था और स्विफ्ट बहुत थक गया था। वह ताजी घास और पानी की तलाश में काफी दूर तक चल चुका था, लेकिन उसे हर तरफ सिर्फ सूखी घास ही मिल रही थी।
तभी एक झाड़ी के पीछे से एक भूखा भेड़िया स्विफ्ट को देख रहा था। भेड़िये की आँखों में लालच चमक रहा था। उसने मन ही मन सोचा, 'वाह! इतना बड़ा घोड़ा! अगर मैंने इसे पकड़ लिया, तो मेरे पूरे झुंड को कई दिनों तक खाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी!'
लेकिन भेड़िये को डर था कि वह अकेले इतने बड़े जानवर का सामना नहीं कर पाएगा। इसलिए उसने सोचा कि वह चालाकी से घोड़े को अपने ठिकाने पर ले जाएगा जहाँ उसका पूरा झुंड इंतज़ार कर रहा था।
भेड़िया बड़े प्यार से स्विफ्ट के पास गया और बोला, 'नमस्ते मित्र! तुम बहुत थके हुए लग रहे हो। क्या तुम मेरे साथ चलोगे? थोड़ी ही दूरी पर एक सुंदर मैदान है जहाँ बहुत सारी हरी घास और साफ पानी है। मैं वहाँ गया हूँ, तुम्हें वहाँ बहुत अच्छा लगेगा!'
स्विफ्ट बहुत समझदार था। उसने भेड़िये की आँखों में झाँककर देखा। उसे भेड़िये की बातों में सच्चाई नहीं लगी। स्विफ्ट ने शांति से जवाब दिया, 'तुम्हारी मदद के लिए शुक्रिया। लेकिन मुझे एक बात बताओ, तुम तो एक भेड़िये हो, तुम्हें हरी घास के बारे में कैसे पता? और अगर वहाँ इतना अच्छा खाना है, तो तुम उसे खुद क्यों नहीं खा लेते? मुझे लगता है कि तुम झूठ बोल रहे हो।'
भेड़िया सकपका गया। वह अपनी बात का कोई जवाब नहीं दे पाया। जब उसे लगा कि उसकी चोरी पकड़ी गई है, तो वह चुप हो गया। स्विफ्ट ने बिना समय गंवाए वहाँ से तेज़ दौड़ लगा दी और अपनी जान बचा ली।
स्विफ्ट ने अपनी ताकत से नहीं, बल्कि अपनी बुद्धि से खुद को बचाया।
Moral
बुरे इरादे रखने वालों की मीठी बातों पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए।