Skip to content
आज की चंद्र अवस्था NilaTales हिन्दी
Moral Story

बदलती परछाइयाँ

The Passing Shadows

बहुत समय पहले की बात है, एक शक्तिशाली राजा अपने भव्य महल की बालकनी से नीचे देख रहा था। उसने देखा कि महल के मुख्य द्वार की छाया में कुछ थके हुए यात्री आराम कर रहे हैं। यह देखकर राजा को बहुत गुस्सा आया।…

8–14 yr 2 min medium
संसार में कुछ भी स्थायी नहीं है; इसलिए अपने अधिकार का उपयोग दयालुता के साथ करें।
बदलती परछाइयाँ — NilaTales cover art
8–14 yr 2 min medium

पढ़ने का स्वरूप

अपना पसंदीदा फ़ॉन्ट चुनें

अपनी पसंद के फ़ॉन्ट में कहानी पढ़ें।

बहुत समय पहले की बात है, एक शक्तिशाली राजा अपने भव्य महल की बालकनी से नीचे देख रहा था। उसने देखा कि महल के मुख्य द्वार की छाया में कुछ थके हुए यात्री आराम कर रहे हैं। यह देखकर राजा को बहुत गुस्सा आया। उसने सोचा, "ये लोग मेरे महल के द्वार पर क्यों बैठे रहते हैं? ये मेरी शांति भंग करते हैं। इन्हें कहीं और जाकर बैठना चाहिए।"

अगले ही दिन, राजा ने आदेश दिया कि महल की दीवारों या दरवाजों के पास कोई भी नहीं बैठ सकता। यात्री परेशान हो गए क्योंकि उनके पास बैठने के लिए कोई और जगह नहीं थी। वे राजा के बुद्धिमान सलाहकार, विक्रम के पास मदद के लिए पहुँचे।

विक्रम ने राजा को सबक सिखाने की एक योजना बनाई। अगले दिन, वह फटे-पुराने कपड़े पहनकर महल के द्वार पर जाकर बैठ गया। जब राजा ने उसे देखा, तो वह आगबबूला हो गया। "मेरी आज्ञा का उल्लंघन करने की हिम्मत कैसे हुई? सैनिकों, इसे तुरंत यहाँ से हटाओ!"

विक्रम ने शांति से कहा, "मैं तभी जाऊँगा जब इस जगह का असली मालिक आकर मुझे जाने के लिए कहेगा।"

राजा क्रोध में भरकर नीचे आया और बोला, "यह मेरा महल है! मैं इसका मालिक हूँ!"

विक्रम ने मुस्कुराते हुए पूछा, "महाराज, यह आपका महल है, इसमें कोई शक नहीं। लेकिन आपसे पहले यह किसका महल था?"

राजा ने कहा, "यह मेरे पिता का महल था।"

विक्रम ने फिर पूछा, "और आपके पिता से पहले?"

"वह मेरे दादाजी का महल था," राजा ने उत्तर दिया।

विक्रम ने खड़े होकर कहा, "महाराज, आपके दादाजी से पहले भी कई राजा इस महल में रहे हैं। वे सब अब इस दुनिया में नहीं हैं। इस संसार में कुछ भी स्थायी नहीं है, यहाँ तक कि यह विशाल महल भी नहीं। यदि आप दूसरों को थोड़ी सी छाया भी नहीं दे सकते, तो याद रखिए कि समय इस महल को भी आपसे छीन लेगा।"

राजा को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसे दुख हुआ कि उसने अपने अहंकार में दूसरों की छोटी सी ज़रूरत को भी ठुकरा दिया। उसने यात्रियों से माफी मांगी और विक्रम को धन्यवाद दिया।

कहानी की सीख

Moral

संसार में कुछ भी स्थायी नहीं है; इसलिए अपने अधिकार का उपयोग दयालुता के साथ करें।

The Lesson

संसार में कुछ भी स्थायी नहीं है; इसलिए अपने अधिकार का उपयोग दयालुता के साथ करें।

---

இதுபோன்ற கதைகள் · More like this

ஆர்வமும் ஒரு சிறு பாடம்
SIRUKADHAI

ஆர்வமும் ஒரு சிறு பாடம்

அமைதியான ஒரு கிராமத்தின் ஓரத்தில், பெரிய காடு ஒன்று இருந்தது. அந்த கிராமத்தில் மீனாட்சி என்ற பாட்டியும், அவரது செல்ல நாய் குட்டியான 'ஜிம்மி'யும் வசித்து வந்தனர்.

8–14 yr 3 min read
மூன்று விருந்தினர்களும் உண்மையான செல்வமும்
SIRUKADHAI

மூன்று விருந்தினர்களும் உண்மையான செல்வமும்

ஒரு சிறிய கிராமத்தில் சோமு என்ற ஏழை விவசாயி தன் மனைவி நிலாவியுடன் வசித்து வந்தான். அவர்கள் மிகவும் கடின உழைப்பாளிகள், ஆனால் அவர்களின் வருமானம் மிகவும் குறைவாக இருந்தது. ஒரு மாலை வேளையில், அவர்களின் சி…

8–14 yr 2 min read
முயற்சியின் சிகரம்
SIRUKADHAI

முயற்சியின் சிகரம்

கதிர் ஒரு நேர்மையான மற்றும் கடின உழைப்பாளி. ஒரு பெரிய வணிக நிறுவனத்தில் உதவியாளராக சேர அவர் நேர்முகத் தேர்வுக்குச் சென்றார். அவர் அனைத்து கேள்விகளுக்கும் மிகத் தெளிவாகவும் நம்பிக்கையுடனும் பதிலளித்தார…

8–14 yr 2 min read
---

படிக்க பரிந்துரைகள்

Recommended books for kids

As an Amazon Associate, NilaTales earns from qualifying purchases. Links above are affiliate links.

Ad — nilatales.com

கதைகளை மிஸ் செய்யாதீர்கள்

Never miss a story

Get new bedtime stories delivered to your inbox every week — in Tamil, English, Malayalam, Hindi, Telugu, and Kannada.

No spam. Unsubscribe anytime. தனியுரிமை உங்களுக்கு.

---