नीले समुद्र की गहराइयों में एक सुंदर मूंगा साम्राज्य था। वहाँ अज़ूर नाम की एक समुद्री राजकुमारी रहती थी। एक दिन उसकी दादी ने बताया कि समुद्र के ऊपर इंसानों की दुनिया है। अज़ूर उत्सुकतावश सतह पर आई, तभी एक भयंकर तूफान आया। राजकुमार लियो लहरों में डूबने लगा। अज़ूर ने तुरंत गोता लगाया और उसे बचाकर किनारे पर पहुँचा दिया।
तभी एक दूसरी राजकुमारी लियो को ले गई, और लियो को लगा कि उसी ने उसे बचाया है। अज़ूर लियो से बात करना चाहती थी, इसलिए वह एक समुद्री जादूगरनी के पास गई। जादूगरनी ने कहा, "मैं तुम्हें पैर दूँगी, लेकिन बदले में तुम्हारी आवाज़ ले लूँगी।" अज़ूर ने अपनी आवाज़ खोकर भी लियो के पास जाने का फैसला किया।
महल में पहुँचकर अज़ूर ने देखा कि लियो की शादी होने वाली है। वह बोल नहीं सकती थी, इसलिए वह केवल नाचकर अपनी भावनाएँ व्यक्त कर सकती थी। उसकी बहनों ने एक जादुई तलवार लाकर दी और कहा कि इससे वह फिर से जलपरी बन सकती है। लेकिन लियो और उसकी मंगेतर बहुत दयालु थे। उन्होंने अज़ूर के बलिदान को समझा और तलवार को समुद्र में फेंक दिया। अज़ूर समुद्र की रक्षक बन गई।