बहुत समय पहले की बात है, एक विशाल जंगल में सभी पशु-पक्षी बहुत खुशी से रहते थे। ईश्वर ने हर जीव को एक विशेष गुण दिया था। कुछ पक्षी बहुत तेज़ उड़ सकते थे, तो कुछ बहुत मीठा गा सकते थे।
उसी जंगल में विक्की नाम का एक छोटा सा पक्षी रहता था। विक्की में अन्य पक्षियों की तरह तेज़ उड़ने की क्षमता नहीं थी। हर सुबह जब सूरज निकलता, तो तेज़ उड़ने वाले पक्षी झट से फलों के पेड़ों पर पहुँच जाते और सबसे मीठे और रसीले फल खा लेते।
जब तक विक्की धीरे-धीरे उड़कर वहाँ पहुँचता, तब तक सारे अच्छे फल खत्म हो चुके होते थे। विक्की को केवल सूखे या खराब फल ही मिलते थे। इससे विक्की बहुत दुखी और चिड़चिड़ा रहने लगा। उसने सोचा, 'ईश्वर ने मुझे तेज़ उड़ने की शक्ति क्यों नहीं दी? मुझे भी सबसे पहले सबसे अच्छे फल खाने हैं!'
एक दिन विक्की ने ईश्वर से शिकायत करने का फैसला किया। उसने कहा, 'हे ईश्वर! आपने मुझे तेज़ उड़ने की शक्ति क्यों नहीं दी? मैं भी बाकी पक्षियों की तरह सबसे पहले उड़कर सबसे मीठे फल खाना चाहता हूँ!'
ईश्वर को विक्की का लालच देखकर दुख हुआ। उन्होंने कहा, 'तुम दिन की भागदौड़ के बजाय रात की शांति का आनंद लेना नहीं जानते। लेकिन अगर तुम्हें तेज़ उड़ना और दूसरों से आगे निकलना ही चाहिए, तो मैं तुम्हारी इच्छा पूरी करता हूँ।'
ईश्वर ने आगे कहा, 'अब से तुम रात के अंधेरे में उड़ोगे, जब दुनिया सो रही होगी। लेकिन क्योंकि तुमने दिन के पक्षियों से अलग होने की ज़िद की है, इसलिए तुम पेड़ों की टहनियों से उल्टा लटककर सोओगे।'
तभी से विक्की एक ऐसा जीव बन गया जो रात में उड़ता है और आराम करने के लिए पेड़ों पर उल्टा लटक जाता है।
Moral
दूसरों की चीज़ों को देखकर लालच करने से हम अपनी शांति और सुख भी खो देते हैं।