एक बहुत ही सुंदर गाँव था जहाँ लोग मिल-जुलकर रहते थे। लेकिन एक समय ऐसा आया जब गाँव में चूहों का आतंक बढ़ गया। चूहे घरों में घुसकर अनाज और खाने-पीने की सारी चीज़ें बर्बाद करने लगे। गाँव के लोग बहुत परेशान हो गए और उन्होंने इस समस्या का समाधान निकालने के लिए सभा बुलाई।
तभी वहाँ एक संगीतकार आया। उसके पास एक सुंदर बांसुरी थी। उसने कहा, "मैं अपनी जादुई बांसुरी की धुन से इन चूहों को गाँव से दूर ले जा सकता हूँ। बदले में, मुझे सोने के सिक्कों से भरी एक थैली चाहिए।" गाँव वालों ने डर के मारे तुरंत हाँ कर दी।
संगीतकार ने बांसुरी बजानी शुरू की। वह धुन इतनी मधुर थी कि चूहे मंत्रमुग्ध होकर उसके पीछे-पीछे चलने लगे। वह उन्हें गाँव से दूर एक सुनसान जंगल की ओर ले गया। काम पूरा होने के बाद, वह वापस गाँव आया।
लेकिन गाँव वालों के मन में लालच आ गया। उन्होंने सोचा, "इतने कम काम के लिए इतने सारे सिक्के क्यों दें?" उन्होंने उसे बहुत कम पैसे दिए और उसे धोखा देने की कोशिश की। संगीतकार चुपचाप वहाँ से चला गया, लेकिन उसने उन्हें सबक सिखाने की ठानी।
अगले दिन, वह फिर से गाँव आया। इस बार उसने एक बहुत ही चंचल और प्यारी धुन बजाई। उस धुन के जादू में गाँव के सभी बच्चे खो गए और वे भी संगीतकार के पीछे चलने लगे। देखते ही देखते, संगीतकार बच्चों को जंगल की एक सुरक्षित गुफा में ले गया और उन्हें वहाँ रख दिया।
जब गाँव वालों को पता चला कि उनके बच्चे गायब हैं, तो वे घबरा गए। उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ। उन्हें समझ आया कि उन्होंने एक कलाकार को धोखा देकर अपनी सबसे बड़ी संपत्ति यानी अपने बच्चों को खतरे में डाल दिया है।
गाँव के बड़े लोग संगीतकार के पास गए और बोले, "हमें माफ कर दीजिए। हमने लालच में आकर आपसे झूठ बोला। ये लीजिए आपके सारे सिक्के, बस हमारे बच्चों को वापस ले आइए।"
संगीतकार ने मुस्कुराते हुए गुफा खोली और बच्चों को वापस दे दिया। जाते-जाते उसने एक बड़ी बात कही, "जो दूसरों को धोखा देने की कोशिश करते हैं, वे अंत में खुद ही धोखा खाते हैं।"
Moral
हमेशा अपना वादा निभाएं; दूसरों को धोखा देने की कोशिश खुद का नुकसान करती है।