बहुत समय पहले की बात है, एक समृद्ध किसान के तीन बेटे थे। किसान की मृत्यु के बाद, उसके दो बड़े बेटों ने सारी ज़मीन और धन आपस में बाँट लिया। सबसे छोटे बेटे के पास कुछ नहीं बचा, सिवाय पिता की एक पुरानी काली बिल्ली के। बिना किसी संपत्ति के, उस युवक को बहुत गरीबी में जीवन बिताना पड़ा।
एक शाम, जब वह बहुत उदास बैठा था, तभी बिल्ली बोली, "दोस्त, घबराओ मत। अगर तुम मेरे लिए एक रेशमी स्कार्फ और एक छोटी घंटी ला सको, तो मैं तुम्हारा भाग्य बदल दूँगी।" युवक ने अपनी बची-कुची जमापूंजी से बिल्ली के लिए वह रेशमी स्कार्फ और घंटी खरीद ली।
अगले दिन, बिल्ली वह स्कार्फ पहनकर जंगल में गई और ताज़ा खरगोश पकड़कर युवक के पास लाई। बिल्ली को पता चला कि राजा को खरगोश का मांस बहुत पसंद है, इसलिए वह रोज़ राजा के दरबार में खरगोश पहुँचाने लगी। राजा उस बिल्ली से बहुत प्रभावित हुआ और उसे बहुत प्यार करने लगा।
एक दिन बिल्ली ने एक योजना बनाई। उसने युवक को एक बड़ी झील के पास ले जाकर कहा, "अपने कपड़े उतारो और पानी में उतर जाओ।" युवक ने वैसा ही किया। जब राजा वहाँ से गुज़रा, तो बिल्ली ने कहा, "महाराज! मेरा मित्र यहाँ स्नान कर रहा था, लेकिन एक लोमड़ी उसके कपड़े छीनकर भाग गई!"
राजा को दया आ गई और उसने अपने शाही रेशमी वस्त्र उस युवक को दे दिए। जब युवक उन शानदार वस्त्रों को पहनकर पानी से बाहर निकला, तो वह किसी राजकुमार की तरह लग रहा था। राजा उसकी सादगी और गरिमा से इतना प्रसन्न हुआ कि उसने उसे अपने महल में रहने के लिए बुला लिया और अपनी राजकुमारी से उसका विवाह कर दिया। उस जादुई बिल्ली की मदद से युवक का जीवन खुशियों से भर गया।
Moral
धैर्य और विश्वास रखने से कठिन समय भी सौभाग्य में बदल सकता है।