एक सुंदर घाटी में साइलस नाम का एक व्यापारी रहता था। उसके पास पिप नाम का एक प्यारा घोड़ा था। पिप बहुत मेहनती था, लेकिन साइलस हमेशा अपने काम में इतना व्यस्त रहता था कि वह कभी पिप की मेहनत की सराहना नहीं करता था।
एक सुबह, साइलस ने पिप की पीठ पर चीनी की भारी बोरियाँ लाद दीं। रास्ते में एक छोटी सी नदी पड़ती थी। नदी पार करते समय पिप ने सोचा, "इतना वजन ढोना बहुत मुश्किल है। क्यों न मैं कुछ चालाकी करूँ?"
नदी में पहुँचकर पिप ने जानबूझकर पैर फिसलाया और पानी में गिर गया। चीनी पानी में घुल गई और बोरियों का वजन बहुत कम हो गया। पिप बहुत खुश हुआ। उसने सोचा, "वाह! यह तो बहुत आसान तरीका है!"
अगले कुछ दिनों तक पिप ने यही किया। वह हर बार नदी में गिर जाता और चीनी बह जाने से उसका काम आसान हो जाता। साइलस को कुछ अजीब लगा, तो उसने पिप को सबक सिखाने की सोची।
अगले दिन, साइलस ने चीनी की जगह रुई की बोरियाँ लादीं। पिप ने अपनी पुरानी चाल चली और नदी में गिर गया। लेकिन इस बार कुछ अलग हुआ! रुई ने सारा पानी सोख लिया और बोरियाँ पहले से कहीं ज़्यादा भारी हो गईं। पिप उस भारी वजन के नीचे दबने लगा और उसे उठने में बहुत मुश्किल हुई।
पिप को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने सोचा, "मेरी चालाकी ही मेरे लिए मुसीबत बन गई!"
साइलस ने पिप की मदद की और उसे समझाया कि ईमानदारी से काम करना ही सबसे अच्छा है। पिप ने वादा किया कि वह अब कभी आलस नहीं करेगा।
Moral
शॉर्टकट हमेशा आसान नहीं होते, वे अक्सर बड़ी मुसीबतें लाते हैं।