Skip to content
आज की चंद्र अवस्था NilaTales हिन्दी
Moral Story

विद्वान और चतुर बंदर

The Scholar and the Clever Monkey

बहुत समय पहले की बात है, सोमू नाम का एक विद्वान घने जंगल से गुजर रहा था। चलते-चलते उसने गलती से एक चीज़ पर पैर रख दिया। उसे लगा कि वह सूखी टहनी है, लेकिन वह एक सोता हुआ वन-देवता था! देवता अत्यंत क्रोध…

4–10 yr 3 min medium
सच्ची बुद्धि केवल ज्ञान में नहीं, बल्कि दूसरों की जरूरतों को समझने में भी है।
विद्वान और चतुर बंदर — NilaTales cover art
4–10 yr 3 min medium

पढ़ने का स्वरूप

अपना पसंदीदा फ़ॉन्ट चुनें

अपनी पसंद के फ़ॉन्ट में कहानी पढ़ें।

बहुत समय पहले की बात है, सोमू नाम का एक विद्वान घने जंगल से गुजर रहा था। चलते-चलते उसने गलती से एक चीज़ पर पैर रख दिया। उसे लगा कि वह सूखी टहनी है, लेकिन वह एक सोता हुआ वन-देवता था! देवता अत्यंत क्रोधित हुए और उन्होंने कहा, "तुम्हारी लापरवाही के कारण अब तुम एक बंदर बन जाओगे!" सोमू तुरंत एक बंदर में बदल गया। अपनी गलती पर पछताते हुए वह जंगल में रहने लगा।

एक दिन, उसने यात्रियों को सुना कि पास के महापुरी राज्य में एक बड़ी प्रतियोगिता होने वाली है। जो व्यक्ति कठिन सवालों के सही जवाब देगा, उसे प्रधानमंत्री बनाया जाएगा। सोमू ने सोचा कि यह अपनी बुद्धि दिखाने का मौका है। वह बंदर के रूप में महल पहुँचा। पहरेदारों ने उसे रोका, लेकिन जब बंदर ने एक पत्ते पर अपना नाम लिखा, तो राजा ने उसे प्रतियोगिता में शामिल होने की अनुमति दे दी।

पहला प्रश्न था: "कौन अधिक भारी है? एक विशाल पत्थर या अपराधबोध से भरा मन?" विद्वानों ने पत्थर के बारे में लिखा, लेकिन बंदर ने लिखा, "अपराधबोध से भरा मन दुनिया में सबसे भारी होता है।" राजा बहुत प्रभावित हुए।

दूसरा प्रश्न: राजा ने एक भूखे वृद्ध के सामने सोने का सिक्का रखा और पूछा, "यह किसे मिलना चाहिए?" विद्वानों ने कहा कि वृद्ध को देना चाहिए। लेकिन बंदर ने लिखा, "एक सिक्के से भूख नहीं मिटती। राजा को कर (tax) कम करना चाहिए और ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि राज्य में कोई भी भूखा न रहे। यह सिक्का उस व्यवस्था का हिस्सा होना चाहिए।"

तीसरा प्रश्न: महल के बगीचे में एक मुरझाया हुआ आम का पेड़ था। राजा ने पूछा, "इसे कैसे ठीक करें?" विद्वानों ने खाद डालने की सलाह दी। लेकिन बंदर ने मिट्टी की जांच की और लिखा, "मिट्टी अच्छी है, लेकिन बड़े पेड़ों की छाया के कारण इसे पर्याप्त धूप नहीं मिल रही है। इसे धूप वाली जगह पर लगा देने से यह फिर से हरा-भरा हो जाएगा।"

बंदर की बुद्धिमत्ता देखकर राजा ने उसे अपना प्रधानमंत्री घोषित कर दिया। जैसे ही प्रजा ने खुशी मनाई, बंदर के ऊपर से श्राप हट गया और वह फिर से विद्वान सोमू बन गया! सोमू ने समझ लिया कि सावधानी और दूसरों के प्रति सहानुभूति ही सच्ची बुद्धिमत्ता है।

Moral

सच्ची बुद्धि केवल ज्ञान में नहीं, बल्कि दूसरों की जरूरतों को समझने में भी है।

The Lesson

सच्ची बुद्धि केवल ज्ञान में नहीं, बल्कि दूसरों की जरूरतों को समझने में भी है।

---

இதுபோன்ற கதைகள் · More like this

பாதுகாப்பு கோபுரமும் பொறுப்பற்ற மரங்கொத்தியும்
MORAL

பாதுகாப்பு கோபுரமும் பொறுப்பற்ற மரங்கொத்தியும்

ஒரு அடர்ந்த பச்சைக்காட்டில் பல வண்ணப் பறவைகள் மகிழ்ச்சியாக வாழ்ந்து வந்தன. அந்தப் பறவைகள் அங்கிருந்த பழங்களையும் விதைகளையும் பகிர்ந்து உண்டு வாழ்ந்து வந்தன. ஆனால், அந்த அமைதி ஒருநாள் கலைந்தது. ஒரு கூட…

4–10 yr 2 min read
அறிவாளியும் விசித்திரமான நண்பனும்
MORAL

அறிவாளியும் விசித்திரமான நண்பனும்

ஒரு காலத்தில் சோமநாth என்ற அறிவாளி இருந்தார். அவருடைய புத்திசாலித்தனத்தைப் பற்றிப் பேசும் செய்திகள் பல நாடுகளுக்குப் பரவி இருந்தன. இதைக் கேட்ட பக்கத்து நாட்டு அரசன் விக்கிரமன், சோமநாth ஒரு போலி அறிவாள…

4–10 yr 3 min read
புத்திசாலித்தனத்தின் விலை
MORAL

புத்திசாலித்தனத்தின் விலை

ஒரு அழகான கிராமத்தில், விவசாயம் மற்றும் கால்நடை வளர்ப்பில் சிறந்து விளங்கிய ஒரு பெரியவர் தன் இரு மகன்களுடன் வாழ்ந்து வந்தார். அந்தத் தம்பிகள் இருவரும் மிகவும் சுறுசுறுப்பானவர்கள். ஆனால், மூத்த மகன் கத…

4–10 yr 3 min read
---

படிக்க பரிந்துரைகள்

Recommended books for kids

As an Amazon Associate, NilaTales earns from qualifying purchases. Links above are affiliate links.

Ad — nilatales.com

கதைகளை மிஸ் செய்யாதீர்கள்

Never miss a story

Get new bedtime stories delivered to your inbox every week — in Tamil, English, Malayalam, Hindi, Telugu, and Kannada.

No spam. Unsubscribe anytime. தனியுரிமை உங்களுக்கு.

---