एक सुंदर जंगल के पास मोती नाम का एक छोटा कुत्ता रहता था। मोती को हमेशा एक दुख रहता था; उसे लगता था कि वह सुंदर नहीं है। 'बाकी कुत्ते कितने चमकते हैं, और मैं कितना साधारण हूँ!' वह अक्सर यही सोचकर उदास रहता था।
एक दिन शहर में कुत्तों की एक बड़ी सुंदरता प्रतियोगिता की घोषणा हुई। रंगीन पोस्टरों को देखकर मोती को जलन और दुख महसूस हुआ। 'मुझ जैसा कुत्ता भला कैसे जीत सकता है?' मोती ने बुदबुदाया।
तभी बार्नबी नाम का एक समझदार और बड़ा कुत्ता वहाँ आया। उसने पूछा, 'तुम उदास क्यों हो छोटे दोस्त? तुम भी इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हो!'
मोती ने सिर झुकाकर कहा, 'नहीं बार्नबी, मैं सुंदर नहीं हूँ। लोग मुझे देखकर हँसेंगे।'
बार्नबी ने प्यार से कहा, 'असली सुंदरता तुम्हारे रूप में नहीं, तुम्हारे आत्मविश्वास में है। अगर तुम खुद को कमतर समझोगे, तो दुनिया भी तुम्हें वैसा ही देखेगी। मैं तुम्हारी मदद करूँगा।'
प्रतियोगिता का दिन आया। बहुत सारे कुत्ते महंगे हार और रिबन पहनकर आए थे। लेकिन बार्नबी ने एक तरकीब सोची। मंच के पास एक झाड़ी के पीछे छिपकर, बार्नबी ने उन सुंदर कुत्तों पर एक खास तरह की जड़ी-बूटी का पाउडर छिड़क दिया जिससे खुजली होती थी। जैसे ही वे कुत्ते मंच पर आए, उन्हें बहुत तेज़ खुजली होने लगी! वे मंच पर ठीक से खड़े नहीं हो पा रहे थे और इधर-उधर कूदने लगे। जजों ने उन्हें प्रतियोगिता से बाहर कर दिया।
अंत में मोती की बारी आई। मोती थोड़ा डरा हुआ था, लेकिन बार्नबी के शब्दों को याद करते हुए उसने साहस जुटाया। मोती शान से मंच पर आया और बहुत ही आत्मविश्वास के साथ खड़ा हुआ। उसकी सादगी और शांति देखकर सब दंग रह गए। जजों ने मोती को विजेता घोषित किया!
मोती को अपनी आँखों पर विश्वास नहीं हुआ। जब बार्नबी ने उसे सब सच बताया, तो मोती बहुत खुश हुआ। उस दिन से मोती ने खुद को कम समझना छोड़ दिया और खुशी-खुशी रहने लगा।
Moral
आत्मविश्वास ही सबसे बड़ा गुण है; खुद पर भरोसा रखें।