एक विशाल जंगल में एक शक्तिशाली शेर रहता था। एक सुबह शेर को बहुत तेज़ भूख लगी। वह खाने की तलाश में पूरे जंगल में भटकने लगा। काफी देर तक खोजने के बाद, उसने एक झाड़ी के पास एक छोटे से खरगोश को घास चरते हुए देखा।
शेर दबे पाँव खरगोश की ओर बढ़ने लगा। उसने सोचा, 'यह छोटा सा खरगोश मेरी भूख को कुछ देर के लिए शांत कर देगा।' लेकिन जैसे ही वह झपटने वाला था, उसकी नज़र पास ही चर रहे एक बड़े और सुंदर हिरण पर पड़ी।
शेर के मन में लालच आ गया। उसने सोचा, 'इस छोटे से खरगोश को पकड़ने के बजाय अगर मैं उस हिरण को पकड़ लूँ, तो कई दिनों तक मेरा पेट भरा रहेगा!'
खरगोश को छोड़ने के बाद, शेर हिरण की ओर दौड़ पड़ा। लेकिन पत्तों की सरसराहट सुनकर हिरण सतर्क हो गया और तेज़ी से घने जंगल में भाग गया। शेर के शोर से डरकर खरगोश भी अपने बिल में छिप गया।
शेर ने बहुत कोशिश की, लेकिन वह हिरण को नहीं पकड़ सका। अंत में, शेर को बहुत पछतावा हुआ क्योंकि लालच के चक्कर में उसने वह छोटा सा भोजन भी खो दिया जो उसे आसानी से मिल सकता था।
Moral
लालच में आकर इंसान वह भी खो देता है जो उसके पास होता है।