एक छोटे से गाँव में एक प्यारा सा घर था, जहाँ एक कुत्ता, एक बिल्ली का बच्चा, एक मुर्गी और एक तोता रहते थे। वे सब बहुत आराम से रहते थे।
एक दिन, कुत्ते ने बहुत जल्दी-जल्दी खाना खाया और थोड़ा खाना ज़मीन पर गिरा दिया। घर की मालकिन ने उसे प्यार से डाँट दिया। कुत्ते को बुरा लगा। उसने सोचा, 'अगर हम जंगल में होते, तो हम अपनी मर्ज़ी से रहते और कोई हमें डाँटता नहीं!' तभी बिल्ली के बच्चे ने भी दूध गिरा दिया और उसे भी डाँट पड़ी। कुत्ते ने कहा, 'चलो, हम सब जंगल चलते हैं, वहाँ हम आज़ाद रहेंगे!' मुर्गी और तोता भी उनके साथ चल दिए।
जंगल में चलते-चलते वे थक गए और उन्हें प्यास लगी। उन्हें एक तालाब दिखा, लेकिन वहाँ एक हाथी पानी पी चुका था और तालाब कीचड़ से भर गया था। मुर्गी दुखी होकर बोली, 'हमें लगा था जंगल में हर जगह साफ़ पानी मिलेगा, पर यहाँ तो पीने लायक पानी भी नहीं है!'
भूख लगने पर उन्होंने एक बंदर को देखा। बंदर ने कहा, 'जंगल में खाना ढूँढना बहुत मुश्किल है, तुम्हें हर पेड़ के पास जाना पड़ेगा।' फिर भी, बंदर ने दया करके उन्हें कुछ केले दिए।
रात होते ही जंगल में बाघ की दहाड़ सुनाई दी। सब डर के मारे एक पेड़ के पीछे छिप गए। एक गिलहरी ने उन्हें समझाया, 'आज़ादी के साथ खतरा भी आता है। घर में तुम सुरक्षित थे, पर यहाँ तुम शिकार बन सकते हो।' तभी ज़ोरदार बारिश और बिजली कड़कने लगी। बिजली की आवाज़ सुनकर सब डर गए। मुर्गी बोली, 'घर में तो हम चैन से सोते थे, यहाँ तो डर के मारे जीना मुश्किल है!'
उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ। वे वापस घर जाना चाहते थे, लेकिन रास्ता भटक गए थे। तभी उन्हें अपने मालिक की आवाज़ सुनाई दी, जो उन्हें ढूँढते हुए जंगल में आए थे। अपने मालिक को देखकर वे खुशी से झूम उठे। वे वापस घर लौट आए और समझ गए कि सुरक्षा और प्यार ही सबसे बड़ी चीज़ है।
Moral
बिना सुरक्षा के आज़ादी का कोई मोल नहीं है।