नीले पहाड़ों के जंगल में, एक विशाल बरगद के पेड़ की जड़ों के पास चूहों का एक छोटा सा परिवार रहता था। वे बहुत खुश थे, लेकिन उनकी खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं रही।
एक बड़ा काला सांप उस पेड़ के पास रहने आ गया। वह पेड़ की जड़ों में छिप जाता और जैसे ही कोई चूहा बाहर निकलता, वह उसे झपटकर खा जाता। अपनी जान बचाने के लिए, चूहे उस पेड़ को छोड़कर पास की एक बड़ी चट्टान की दरार में रहने चले गए।
लेकिन वहां भी एक नया खतरा था। आसमान में उड़ते एक तेज़ नज़र वाले बाज़ ने चट्टान पर चूहों को देख लिया। वह तेज़ी से नीचे आता और चूहों को पकड़ लेता। चूहे अब दो तरफ से घिर गए थे—नीचे सांप और ऊपर बाज़।
चूहों के बीच 'चीकू' नाम का एक बहुत ही चतुर चूहा रहता था। उसने एक योजना बनाई, "दोस्तों, हम इन शिकारियों से ताकत में नहीं जीत सकते। लेकिन अगर हम इन्हें आपस में लड़ा दें, तो हम बच सकते हैं!"
एक चूहे ने पूछा, "पर वे हमसे बात तो करेंगे नहीं, वे मिलेंगे कैसे?"
चीकू ने कहा, "हम अपने दो सबसे तेज़ दौड़ने वाले चूहों को चुनेंगे। एक चूहा बरगद के पेड़ के पास खड़ा होगा और दूसरा चट्टान के पास। दोनों एक ही समय पर दौड़ेंगे और बीच में बने एक गहरे गड्ढे में कूद जाएंगे। जब सांप और बाज़ चूहों को पकड़ने के लिए दौड़ेंगे, तो वे आपस में टकरा जाएंगे!"
चूहों ने वैसा ही किया। जैसे ही तेज़ दौड़ने वाले चूहे गड्ढे में छिपे, सांप ज़मीन से और बाज़ आसमान से तेज़ी से झपटे। लेकिन वे चूहों को पकड़ने के बजाय आपस में ज़ोर से टकरा गए। इस टक्कर से घबराकर दोनों शिकारी वहां से भाग गए। चूहों ने अपनी बुद्धिमानी से अपनी जान बचा ली और फिर से खुशी-खुशी रहने लगे।
Moral
ताकत से बड़ी बुद्धि होती है।