एक छोटे से गाँव में आर्यन अपने दादाजी के साथ रहता था। उस गाँव के बीचों-बीच एक बड़ी झील थी, जो सबकी प्यास बुझाती थी। लेकिन उस साल गर्मी बहुत बढ़ गई और महीनों तक बारिश नहीं हुई। झील सूख गई और पेड़-पौधे मुरझाने लगे। आर्यन का छोटा कुत्ता, ब्रूनो, प्यास के कारण बहुत कमज़ोर हो गया था। वह उठने की भी हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
आर्यन के पास पीने के लिए बस एक छोटा सा गिलास पानी बचा था। उसने सोचा, 'अगर मैं यह पानी पी लूँ तो मेरी प्यास बुझ जाएगी, लेकिन ब्रूनो का क्या होगा?' उसने बिना सोचे वह पानी ब्रूनो को पिला दिया। जैसे ही ब्रूनो ने पानी पिया, अचानक आसमान में काले बादल छा गए और झमाझम बारिश होने लगी। सूखी धरती तृप्त हो गई और झील फिर से भरने लगी। आर्यन ने मुस्कुराते हुए कहा, 'दादाजी, यह बारिश सिर्फ पानी नहीं है, यह तो जीवन देने वाला अमृत है!'