एक शांत गाँव में अर्जुन नाम का एक लड़का रहता था। अर्जुन बहुत होशियार था, लेकिन उसकी एक कमजोरी थी—वह अपनी इंद्रियों पर काबू नहीं रख पाता था। अगर उसे कोई सुंदर खिलौना दिखता, तो उसे चाहिए ही होता। अगर उसे मीठी मिठाई की खुशबू आती, तो वह खुद को रोक नहीं पाता था। उसकी आँखें और उसकी जीभ हमेशा उसे मुश्किल में डाल देती थीं।
एक दिन उसके दादाजी ने उसे समझाया, 'अर्जुन, असली ताकत शरीर की शक्ति या धन में नहीं है, बल्कि अपनी इंद्रियों को वश में करने की शक्ति में है।' अर्जुन को यह बात समझ नहीं आई। कुछ दिनों बाद, जब वह बगीचे में खेल रहा था, उसने एक बहुत ही सुंदर रंगीन तितली देखी। उसका मन हुआ कि उसे पकड़ ले, लेकिन उसने अपने दादाजी की बात याद की। उसने अपने हाथ रोक लिए और बस चुपचाप तितली को उड़ते हुए देखता रहा। उस पल उसे एक अद्भुत शांति महसूस हुई। उसे समझ आया कि जो व्यक्ति अपनी इच्छाओं को जीत लेता है, वह दुनिया का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति है।