एक छोटे से गाँव में आर्यन और लियो नाम के दो लड़के रहते थे। आर्यन एक अमीर परिवार से था और उसके पास बहुत सारे खिलौने थे, लेकिन वह बहुत स्वार्थी था। वह सोचता था कि जो कुछ भी उसके पास है, वह केवल उसी का है। वह कभी अपनी चीज़ें किसी के साथ नहीं बाँटता था। दूसरी ओर, लियो एक साधारण परिवार से था। उसके पास महंगे खिलौने तो नहीं थे, लेकिन उसका दिल बहुत बड़ा था। वह अपनी छोटी सी रोटी भी भूखे व्यक्ति के साथ बाँट लेता था।
एक बार गाँव में भीषण सूखा पड़ा। खाने-पीने की बहुत कमी हो गई। आर्यन के घर में अनाज के बड़े-बड़े भंडार थे, लेकिन आर्यन ने सोचा, 'अगर मैं बाँटूंगा तो मेरा भंडार कम हो जाएगा', और उसने किसी की मदद नहीं की। लेकिन लियो ने देखा कि उसके पड़ोसी बहुत भूखे हैं, तो उसने अपने हिस्से का थोड़ा सा भोजन भी उनके साथ बाँट दिया।
कुछ समय बाद, आर्यन के परिवार पर एक बड़ी मुसीबत आ गई। उस कठिन समय में आर्यन को अहसास हुआ कि उसके खिलौने और धन उसकी मदद नहीं कर सकते। तभी लियो वहाँ आया और उसने अपनी छोटी सी बचत से आर्यन की मदद की। आर्यन को समझ आ गया कि जो लोग प्रेम नहीं करते, वे सब कुछ अपने लिए रखते हैं, लेकिन जो प्रेम करते हैं, वे अपना सब कुछ दूसरों के लिए समर्पित कर देते हैं।