एक छोटे से गाँव में आर्यन नाम का एक लड़का रहता था। वह बहुत ही शांत और धैर्यवान था। उसका दोस्त रोहन थोड़ा चंचल स्वभाव का था। एक दोपहर, दोनों ने मिलकर मिट्टी का एक बहुत सुंदर घर बनाया। आर्यन ने बहुत मेहनत और प्यार से उस घर को सजाया था।
खेलते समय, रोहन का पैर फिसल गया और उसने अनजाने में आर्यन के मिट्टी के घर को तोड़ दिया। आर्यन को बहुत बुरा लगा। उसके पास रोहन पर चिल्लाने या उससे बात न करने का पूरा अधिकार था। लेकिन आर्यन ने गहरी सांस ली और रोहन को माफ कर दिया।
कुछ दिनों बाद, आर्यन ने महसूस किया कि केवल माफ करना ही काफी नहीं है। अगर वह बार-बार उस टूटे हुए घर के बारे में सोचता रहता, तो उसे फिर से दुख होता। इसलिए, आर्यन ने उस घटना को अपने मन से पूरी तरह निकाल देने का फैसला किया। उसने रोहन के साथ फिर से वैसे ही खेलना शुरू किया जैसे कुछ हुआ ही न हो। आर्यन की इस उदारता ने रोहन का दिल जीत लिया और उनकी दोस्ती पहले से भी ज्यादा गहरी हो गई।