एक सुंदर गाँव में अर्जुन और लियो नाम के दो मित्र रहते थे। अर्जुन बहुत ही सरल स्वभाव का था; वह उतना ही लेता था जितनी उसे ज़रूरत होती थी। वहीं लियो हमेशा और अधिक पाने की चाहत में रहता था। उसे बड़े महल, ढेर सारे खिलौने और कीमती चीज़ें चाहिए थीं।
एक बार गाँव में भीषण सूखा पड़ा। फसलें सूख गईं और खाने की कमी हो गई। लियो बहुत परेशान था। वह कहता, "काश मेरे पास बहुत सारा धन होता, तो मैं सब कुछ खरीद लेता!" लेकिन लियो ने न तो मेहनत करने की कोशिश की और न ही अपनी इच्छाओं को कम करने का प्रयास किया।
दूसरी ओर, अर्जुन ने संयम से काम लिया। उसने अपने भोजन का कुछ हिस्सा ज़रूरतमंदों में बाँटा और सादगी से रहना सीखा। उसने अपनी ऊर्जा खेती सुधारने और पानी बचाने में लगाई। धीरे-धीरे, अर्जुन की मेहनत और उसके अनुशासन ने उसे एक समृद्ध किसान बना दिया। वह खुशहाल जीवन जीने लगा। लेकिन लियो, जो हमेशा अपनी इच्छाओं के पीछे भागता रहा और कभी खुद पर नियंत्रण नहीं रखा, हमेशा अभाव में ही रहा।
अर्जुन ने साबित कर दिया कि जो व्यक्ति अपनी इच्छाओं पर विजय पा लेता है, वही वास्तव में समृद्ध होता है।