एक सुंदर से गाँव में लियो नाम का एक लड़का रहता था। उसके पिता एक ईमानदार लकड़हारा थे। एक दिन गाँव में एक अजनबी आया। वह देखने में बहुत आकर्षक था, उसकी आवाज़ बहुत मीठी थी और चेहरे पर हमेशा एक प्यारी सी मुस्कान रहती थी। उसने खुद को एक बहुत बड़ा दानवीर बताया।
गाँव के सभी लोग उसे बहुत पसंद करने लगे। एक दिन लियो के पिता उस आदमी से मिलने गए। उस आदमी ने बहुत प्यार से कहा, 'मित्र, अपनी सारी जमापूँजी मुझे दे दो, मैं इसे दोगुना करके तुम्हें लौटा दूँगा।' उसकी मीठी बातों में आकर लियो के पिता ने अपने पैसे उसे सौंप दिए।
लेकिन कुछ ही दिनों में वह आदमी गायब हो गया। पता चला कि उसकी सारी बातें केवल एक दिखावा थीं। लियो के पिता बहुत दुखी हुए।
अपने बेटे को समझाते हुए पिता ने एक छोटा सा लाल फल दिखाया और कहा, 'लियो, इस फल को देखो। यह बाहर से कितना सुंदर और लाल है ना? लेकिन इसके बीच में एक छोटा सा काला बिंदु है। वह कितना काला है! कुछ लोग बिल्कुल ऐसे ही होते हैं। बाहर से बहुत मीठे और अच्छे लगते हैं, लेकिन अंदर से उनके इरादे बहुत काले और बुरे होते हैं।'
लियो समझ गया कि किसी के चेहरे को देखकर उस पर भरोसा नहीं करना चाहिए।