सोलापुर नामक एक सुंदर गाँव में कदिर नाम का एक युवक रहता था। वह बहुत बुद्धिमान और मेहनती था। एक बार, राजा विक्रम ने एक प्रतियोगिता आयोजित की ताकि वे अपने राज्य के लिए एक योग्य प्रशासक चुन सकें। उन्होंने सभी युवाओं को कुछ बीज और खेती के लिए थोड़ी ज़मीन दी।
कदिर ने सबसे पहले सबसे अच्छे बीजों का चुनाव किया और उन्हें बोया (अर्जन करना)। जब फसल तैयार हुई, तो उसने उसे बहुत सावधानी से अपने भंडार में इकट्ठा किया (संग्रह करना)। एक बार जब गाँव में भारी सूखा पड़ा, तो कदिर ने अपनी सूझबूझ से अपने अनाज को सुरक्षित रखा ताकि वह खराब न हो (रक्षा करना)। अंत में, जब गाँव के लोग भूखे थे, तो उसने अनाज को ज़रूरतमंदों और गरीबों में सही तरीके से बाँट दिया (वितरण करना)।
राजा विक्रम कदिर की इस बुद्धिमानी से बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने महसूस किया कि एक सच्चा नेता वही है जो न केवल धन कमाना जानता है, बल्कि उसे संभालना और सही जगह उपयोग करना भी जानता है। राजा ने कदिर को अपना मंत्री बना लिया।