एक शांत गाँव में अर्जुन और लियो नाम के दो दोस्त रहते थे। अर्जुन बहुत समझदार और धैर्यवान था, जबकि लियो हमेशा जल्दबाजी में रहता था। एक दिन गाँव के एक बुजुर्ग ने उनसे पूछा, 'अगर तुम्हें पता चले कि कल भारी तूफान आने वाला है, तो तुम क्या करोगे?'
लियो हँसते हुए बोला, 'मैं तो बारिश में नाचूँगा! कल की चिंता क्यों करना?' लेकिन अर्जुन चुपचाप सोचने लगा। उसने अपने घर की छत की जाँच की, अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखा और अपने बगीचे के पौधों को बांधने के लिए रस्सियाँ तैयार कीं।
अगली सुबह, आसमान काला पड़ गया और तेज़ तूफान आ गया। लियो बारिश में पूरी तरह भीग गया और ठंड से कांपने लगा। तेज़ हवा के कारण उसके लगाए हुए छोटे पौधे उखड़ गए। दूसरी ओर, अर्जुन अपने मज़बूत घर के अंदर सुरक्षित था। उसकी तैयारी की वजह से उसके पौधे और अनाज दोनों सुरक्षित रहे।
लियो को दुखी देखकर अर्जुन ने उसे सहारा दिया। लियो ने पूछा, 'तुमने इतनी पहले तैयारी क्यों की?' अर्जुन ने मुस्कुराकर कहा, 'जो आने वाले समय को समझकर तैयारी करता है, वही बुद्धिमान है।' उस दिन के बाद से लियो ने भी हर काम सोच-समझकर करना सीख लिया।