एक सुंदर गाँव में कार्तिक नाम का एक लड़का रहता था। वह बहुत दयालु था, लेकिन उसका दोस्त रोहन दूसरों का मज़ाक उड़ाने और झूठ बोलने की आदत रखता था। कार्तिक की माँ हमेशा उसे समझाती थीं, "अच्छे दोस्त चुनना, क्योंकि वे ही तुम्हें बनाते हैं।"
एक दिन स्कूल में दौड़ प्रतियोगिता हुई। रोहन जीतना चाहता था, इसलिए उसने जीतने के लिए अपने ही दोस्त अर्जुन को धक्का दे दिया। कार्तिक यह देखकर दुखी हुआ। रोहन ने कार्तिक के कान में कहा, "घबराओ मत कार्तिक, यह तो बस एक छोटी सी चाल थी! अगर हम दोनों मिलकर ऐसा करेंगे, तो हमेशा जीतेंगे। आओ, हमारे साथ शामिल हो जाओ!"
कार्तिक ने कुछ पल सोचा। उसने महसूस किया कि यदि वह रोहन के साथ मिल गया, तो शायद वह जीत तो जाएगा, लेकिन उसका मन और उसके काम गंदे हो जाएंगे। कार्तिक ने दृढ़ता से कहा, "दूसरों को गिराकर जीतना जीत नहीं है, रोहन। मैं चाहता हूँ कि मेरे मन और मेरे काम साफ रहें। मैं तुम्हारे इस गलत काम में शामिल नहीं होऊंगा।"
समय बीतता गया, रोहन के गलत व्यवहार के कारण सब उससे दूर हो गए। लेकिन कार्तिक हमेशा सच्चा और नेक बना रहा, इसलिए सब उसका सम्मान करने लगे। कार्तिक समझ गया कि अच्छे लोगों के साथ रहने से ही हमारा मन और हमारे कर्म शुद्ध रहते हैं।