एक खुशहाल गाँव में अर्जुन नाम का एक किसान रहता था। उसके पास बहुत सारी ज़मीन और धन-दौलत थी। अर्जुन अपने भाइयों, रवि और विक्रम के साथ बहुत प्यार से रहता था। लेकिन एक साल गाँव में भयंकर सूखा पड़ा। बारिश न होने के कारण अर्जुन की सारी फसलें बर्बाद हो गईं। धीरे-धीरे उसकी सारी जमापूंजी खत्म हो गई और उसे अपनी ज़मीन भी बेचनी पड़ी। अर्जुन अब बहुत गरीब हो गया था।
अर्जुन बहुत डरा हुआ था। उसने सोचा, 'अब जब मेरे पास कुछ नहीं बचा, तो क्या मेरे भाई मेरा साथ देंगे? क्या वे मुझे गरीब समझकर छोड़ देंगे?' एक शाम जब अर्जुन उदास बैठा था, तभी रवि और विक्रम वहाँ आए। उन्होंने अर्जुन को गले लगाया और कहा, 'अर्जुन, धन तो आता-जाता रहता है, लेकिन हमारा प्यार कभी नहीं बदलेगा। हम हर कदम पर तुम्हारे साथ हैं।' वे दोनों अर्जुन के लिए खाना और खेती के नए औज़ार लेकर आए। अर्जुन समझ गया कि धन भले ही चला जाए, लेकिन परिवार का सच्चा प्रेम कभी नहीं बदलता।