एक छोटे से गाँव में सोमू, रवि और कविता नाम के तीन भाई-बहन रहते थे। सोमू सबसे बड़ा था और बहुत मेहनती था। वह अपने खेतों का बहुत ध्यान रखता था। लेकिन रवि बहुत आलसी था। वह हमेशा कहता था, 'कल कर लेंगे।' जब सोमू सुबह काम पर निकल जाता, तब रवि सो रहा होता था।
एक साल गाँव में बहुत सूखा पड़ा। सोमू ने अपनी मेहनत और समझदारी से अपने खेतों को बचा लिया। लेकिन रवि ने सोचा कि बारिश खुद ही होगी और वह आराम करता रहा। धीरे-धीरे रवि के खेत सूख गए और उसके पशु भी बीमार पड़ गए। रवि बहुत दुखी हुआ और रोते हुए सोमू के पास गया।
सोमू ने उसे समझाते हुए कहा, 'रवि, तुम्हारी यह सुस्ती सिर्फ तुम्हें नहीं, बल्कि हमारे पूरे परिवार के भविष्य को बर्बाद कर रही है। अगर तुम आज नहीं जागे, तो हमारे पास आगे के लिए कुछ नहीं बचेगा।' रवि को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने आलस छोड़ दिया और सोमू के साथ मिलकर काम करने लगा। धीरे-धीरे उसका खेत फिर से हरा-भरा हो गया और परिवार की खुशियाँ लौट आईं।