एक सुंदर से गाँव में अर्जुन और रोहन नाम के दो पक्के दोस्त रहते थे। वे हमेशा साथ खेलते थे। एक दिन, खेलते समय रोहन से गलती से अर्जुन का पसंदीदा खिलौना टूट गया। अर्जुन को बहुत गुस्सा आया। उसने चिल्लाकर कहा, 'तुम मेरे दोस्त नहीं हो!'
उस दिन के बाद से, दोनों के बीच बातचीत बंद हो गई। रोहन ने बहुत माफी मांगी, लेकिन अर्जुन ने नहीं सुनी। धीरे-धीरे यह झगड़ा गाँव के अन्य बच्चों में भी फैल गया। गाँव के बच्चे दो समूहों में बंट गए। जो मैदान कभी हंसी-मजाक से गूंजता था, वहां अब उदासी और तनाव रहने लगा। गाँव का माहौल खराब हो गया था।
एक शाम, गाँव में बहुत तेज़ तूफान आया। भागते समय रोहन का पैर फिसल गया और वह एक गहरे गड्ढे में गिर गया। अर्जुन ने उसे देख लिया। एक पल के लिए अर्जुन के मन में पुराना गुस्सा आया, लेकिन फिर उसे एहसास हुआ कि इस नफरत ने सबको कितना दुखी और अकेला कर दिया है। उसे समझ आया कि नफरत एक बीमारी की तरह है जो सबको अलग कर देती है।
अर्जुन तुरंत दौड़कर गया और रोहन को गड्ढे से बाहर निकाल लिया। रोहन ने रोते हुए माफी मांगी और अर्जुन ने उसे गले लगा लिया। जल्द ही गाँव के सभी बच्चे फिर से एक हो गए और खुशियाँ लौट आईं। उन्होंने सीखा कि नफरत समाज को तोड़ने वाली एक बीमारी है।