एक छोटे से गाँव में दो लड़के रहते थे, आर्यन और समीर। आर्यन गाँव के सबसे अमीर जमींदार का बेटा था। उसके पास रेशमी कपड़े और महंगे खिलौने थे। समीर एक गरीब किसान का बेटा था। उसके पास पहनने को साधारण कपड़े थे, लेकिन उसका दिल बहुत बड़ा था।
आर्यन अक्सर समीर का मज़ाक उड़ाता था। वह कहता, 'मैं बहुत बड़ा आदमी हूँ, और तुम बहुत छोटे।' समीर बस मुस्कुरा देता और अपना काम करता रहता।
समय बदला और आर्यन के परिवार पर भारी संकट आया। उनके सारे पैसे और ज़मीन चली गई। आर्यन अब बहुत गरीब हो गया था। लेकिन गरीबी आने के बावजूद, आर्यन ने अपनी ईमानदारी और दयालुता नहीं छोड़ी। उसने कभी भी गलत रास्ता नहीं चुना।
दूसरी ओर, समीर अपनी सादगी और अच्छे स्वभाव के कारण पूरे गाँव का प्रिय बन गया। भले ही उसके पास धन नहीं था, लेकिन लोग उसे बहुत सम्मान देते थे।
गाँव वालों ने उस दिन एक बड़ी बात सीखी: कोई कितना भी अमीर क्यों न हो जाए, अगर उसका चरित्र अच्छा नहीं है, तो वह महान नहीं बन सकता। और कोई कितना भी गरीब क्यों न हो जाए, अगर उसका चरित्र महान है, तो वह हमेशा महान ही रहेगा।