एक सुंदर से गाँव में अर्जुन नाम का एक लड़का रहता था। उसके पास बहुत सारे खिलौने और मिठाइयाँ थीं, लेकिन वह कभी पूरी तरह खुश नहीं रहता था। उसे हमेशा कुछ नया चाहिए होता था, पर नई चीज़ मिलने के बाद उसकी खुशी जल्दी ही खत्म हो जाती थी।
उसी गाँव में लियो नाम का एक नया लड़का आया। लियो के पास कोई महंगे खिलौने नहीं थे, लेकिन उसके चेहरे पर हमेशा एक अनोखी शांति और खुशी रहती थी। एक दोपहर, अर्जुन अपने नए खिलौने से खेल रहा था। तभी उसने देखा कि पास ही एक छोटा बच्चा गिर गया और रोने लगा। अर्जुन ने उसे अनदेखा कर दिया और अपने खेल में लगा रहा। लेकिन लियो तुरंत दौड़कर गया, बच्चे को उठाया और उसे चुप कराया। जब वह बच्चा मुस्कुराया, तो लियो के चेहरे पर जो चमक आई, वह अर्जुन ने पहले कभी नहीं देखी थी।
अर्जुन सोचने लगा, 'मेरे पास इतने सारे सामान होने के बावजूद मैं खुश क्यों नहीं हूँ? जबकि लियो ने बिना किसी स्वार्थ के मदद की और वह कितना खुश दिख रहा है!' उस दिन से अर्जुन ने चीज़ों में खुशी ढूँढना छोड़ दिया और दूसरों की मदद करने और अच्छे स्वभाव में खुशी ढूँढना शुरू कर दिया।