एक शांत गाँव में कार्तिक और उसके पिता सैम्युअल रहते थे। कार्तिक एक होनहार लड़का था, लेकिन उसमें एक कमी थी—वह दूसरों से बात करते समय थोड़ा घमंडी हो जाता था। एक दिन खेलते समय कार्तिक ने अपने दोस्त रोहन का मज़ाक उड़ाते हुए कहा, 'तुम इतने धीरे क्यों चलते हो? तुम कभी मेरी तरह तेज़ नहीं दौड़ सकते!' रोहन को बहुत बुरा लगा और वह चुपचाप वहाँ से चला गया।
शाम को कार्तिक को अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने अपने पिता से पूछा, 'पिताजी, क्या मैंने गलत किया?'
सैम्युअल ने प्यार से समझाया, 'कार्तिक, एक सुंदर बगीचे के बारे में सोचो। वह बगीचा माली की देखभाल और पौधों के आपसी तालमेल से सुंदर रहता है। अगर माली प्यार और ध्यान देना छोड़ दे, तो वह बगीचा जल्द ही नष्ट हो जाएगा। ठीक वैसे ही, यह दुनिया अच्छे व्यवहार, सम्मान और विनम्रता से चलती है। यदि हम अपने अच्छे गुणों को छोड़ दें, तो यह दुनिया बिखर जाएगी। अच्छे लोगों के व्यवहार के कारण ही यह संसार आज टिका हुआ है।'
कार्तिक को अपनी भूल समझ आ गई। अगले दिन उसने रोहन के पास जाकर उससे माफ़ी माँगी और फिर से दोस्त बन गया। कार्तिक के इस बदलाव ने पूरे गाँव में खुशियाँ फैला दीं।