एक सुंदर से गाँव में इलन और नीला रहते थे। वे एक-दूसरे से बहुत प्रेम करते थे। एक बार इलन को एक लंबी यात्रा पर जाना पड़ा। जाते समय नीला ने मुस्कुराते हुए कहा, 'तुम चिंता मत करो, मैं ठीक रहूँगी।'
लेकिन कुछ ही दिनों में नीला का स्वभाव बदल गया। वह चुपचाप रहने लगी। उसकी आँखें हमेशा लाल रहती थीं और उनमें से आँसू बहते रहते थे। गाँव के लोग उसे देखकर कहते, 'देखो, नीला की आँखें बता रही हैं कि वह कितनी दुखी है। क्या उसका प्रिय उसे अकेला छोड़ गया है?'
जब इलन वापस आया, तो उसने नीला की थकी हुई और लाल आँखों को देखा। नीला ने अपनी उदासी को शब्दों में नहीं बताया था, लेकिन उसकी आँखों ने सब कुछ कह दिया था। इलन समझ गया कि जब प्रियजन का साथ या प्रेम कम हो जाता है, तो आँखों के आँसू उस खालीपन को दुनिया के सामने उजागर कर देते हैं।