एक सुंदर से गाँव में इला नाम की एक स्त्री रहती थी। वह अपने पति जूलियन से बहुत प्रेम करती थी। जूलियन एक साहसी यात्री था, लेकिन एक बार उसे एक लंबी यात्रा पर जाना पड़ा। महीनों बीत गए, लेकिन जूलियन वापस नहीं आया। इला हर दिन उसकी राह देखती और उसकी याद में तड़पती रही। खुशी के दिनों में उसके हाथों के कंगन उसकी कलाइयों पर एकदम सही बैठते थे, लेकिन अब वह बहुत कमजोर हो गई थी।
जब जूलियन अंततः वापस लौटा, तो उसने इला को पहचानना मुश्किल पाया। इला के कंधे, जो कभी मजबूत हुआ करते थे, अब झुक गए थे और बहुत कमजोर हो गए थे। उसके हाथों के कंगन अब उसकी पतली कलाइयों में ढीले होकर गिर रहे थे। इन ढीले कंगन और कमजोर कंधों ने बिना कुछ कहे जूलियन को बता दिया कि उसके लंबे इंतजार और अकेलेपन ने इला को कितना कष्ट दिया है। जूलियन को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने इला के प्रेम की गहराई को समझा।