एक सुंदर पहाड़ी गाँव में आर्यन और मीरा रहते थे। उनका प्रेम अटूट था। एक शाम, जब सूरज ढल रहा था, वे एक पेड़ के नीचे बैठे थे। मीरा ने अपनी सुनहरी चूड़ियों वाली बाहों से आर्यन का हाथ कसकर थाम रखा था। उस पल में एक अद्भुत शांति थी।
लेकिन अगले दिन सुबह, आर्यन को एक ज़रूरी काम से गाँव से दूर जाना था। जब जाने का समय आया, तो मीरा उसे छोड़ना नहीं चाहती थी। उसने आर्यन को बहुत कसकर गले लगा लिया। जैसे ही आर्यन ने धीरे से मीरा की पकड़ ढीली की और उससे अलग हुआ, मीरा के चेहरे की चमक अचानक गायब हो गई। जो चेहरा अभी खुशी से खिला हुआ था, वह उदासी से पीला पड़ गया। उस आलिंगन के टूटने का दर्द मीरा के माथे पर साफ दिखाई दे रहा था। प्रेम की उस गर्माहट के चले जाने से उसका चेहरा मुरझा गया था।