एक शांत गाँव में इलंगो नाम का एक चित्रकार और नीला नाम की एक युवती रहती थी। नीला बहुत सुंदर थी; उसकी चाल और शरीर की बनावट बाँस की तरह कोमल और सुंदर थी। इलंगो अक्सर सोचता था कि क्या केवल सुंदरता ही काफी है?
एक दिन गाँव में एक बड़ा मेला लगा था। भीड़ के बीच, इलंगो ने देखा कि एक बूढ़ी महिला भारी मटका उठाने की कोशिश में लड़खड़ा रही हैं। नीला तुरंत दौड़कर उनके पास पहुँची। उसने न केवल मटका संभाला, बल्कि बहुत ही प्यार और कोमलता से उस महिला का हाथ पकड़कर उन्हें सहारा दिया। नीला की आँखों में जो दया थी, उसने इलंगो का दिल जीत लिया।
उस पल इलंगो को अहसास हुआ कि नीला की सुंदरता आँखों को लुभाती है, लेकिन उसके स्वभाव की कोमलता और दूसरों के प्रति उसका प्रेम उसे वास्तव में महान बनाता है। बाहरी रूप से कहीं अधिक महत्वपूर्ण इंसान का स्वभाव होता है।