एक सुंदर पहाड़ी गाँव में आर्यन और मीरा रहते थे। उनका प्रेम अटूट था। एक बार आर्यन को काम के सिलसिले में बहुत दूर जाना पड़ा। मीरा उसके बिना बहुत उदास रहने लगी।
आर्यन की कमी मीरा को हर पल महसूस होती थी। कभी-कभी उसकी छोटी-छोटी गलतियाँ या उसका दूर होना मीरा को दुखी कर देता था। लेकिन अजीब बात यह थी कि यह दुख उसे बुरा नहीं लगता था। जैसे कोई खुशी के नशे में डूबा हो, वैसे ही मीरा आर्यन की यादों के नशे में डूबी रहती थी। वह दर्द, जो उसे बिछड़ने के कारण हो रहा था, उसे कड़वा नहीं बल्कि बहुत मीठा लगता था। उसके लिए आर्यन की यादों का वह दर्द एक ऐसी मदहोशी थी, जो केवल एक सच्चा प्रेमी ही समझ सकता था।