एक छोटे से गाँव में आर्यन और मीरा रहते थे। दोनों के बीच बहुत गहरा प्रेम था। एक शाम, जब वे बगीचे में बैठे बातें कर रहे थे, आर्यन को अचानक छींक आने वाली थी। उसी पल मीरा अपनी कोई बहुत ज़रूरी बात बता रही थी। मीरा की बात में खलल न पड़े, इसलिए आर्यन ने अपनी नाक दबा ली और अपनी छींक को अंदर ही दबाने की कोशिश करने लगा।
छींक रोकने के संघर्ष में आर्यन का चेहरा लाल हो गया और उसकी आँखों में पानी आ गया। मीरा ने जब यह देखा, तो वह भावुक हो गई। उसे लगा कि आर्यन कुछ छिपा रहा है। वह रोते हुए बोली, 'तुम ऐसा क्यों कर रहे हो? क्या तुम अपने परिवार या अपने लोगों की यादों को मुझसे छिपाने की कोशिश कर रहे हो?' आर्यन मुस्कुराया और बोला, 'नहीं मीरा, मैं तो बस तुम्हारी बातों को बीच में नहीं तोड़ना चाहता था।' मीरा को अपनी गलतफहमी का अहसास हुआ और उसने मुस्कुराते हुए आर्यन का हाथ थाम लिया।