एक घने जंगल में नील नाम का एक मोर रहता था। नील को अपने रंग-बिरंगे और चमकदार पंखों पर बहुत घमंड था। जब भी वह जंगल में घूमता, अपने पंख फैलाकर इतराता और दूसरे पक्षियों के साधारण रूप का मज़ाक उड़ाता था।
एक दिन, नील ने तालाब के किनारे एक सफेद सारस को देखा। सारस के पंख बहुत ही साधारण और सफेद थे। नील ने हंसते हुए सारस से कहा, "अरे ओ सारस! तुम्हारे पंख कितने फीके और बेरंग हैं। मुझे देखो! मेरे पंखों में इंद्रधनुष के सारे रंग हैं। तुम तो बस एक सफेद बादल की तरह दिखते हो!"
सारस ने शांति से उत्तर दिया, "मित्र, सुंदरता केवल दिखावे के लिए नहीं होनी चाहिए; ज़रूरत पड़ने पर वह काम भी आनी चाहिए।"
तभी, झाड़ियों के पीछे से एक शिकारी निकला। उसके हाथ में एक बड़ा जाल था। यह देखकर सारस तुरंत अपने पंख फैलाकर सुरक्षित आसमान में उड़ गया। लेकिन नील के लिए मुसीबत खड़ी हो गई। उसके भारी और लंबे पंख हवा में रुकावट डाल रहे थे, जिससे उसके लिए तेज़ी से उड़ पाना बहुत मुश्किल हो गया।
नील ने उड़ने की बहुत कोशिश की, लेकिन उसके सुंदर पंख ही उसके लिए बोझ बन गए। शिकारी ने जाल फेंका और नील उसमें फंस गया। नील ज़मीन पर गिर पड़ा और डर से कांपने लगा।
सारस पास की एक टहनी पर आकर बैठ गया और उदास होकर बोला, "तुमने अपनी सुंदरता पर बहुत गर्व किया, लेकिन वही सुंदरता तुम्हें खतरे से नहीं बचा सकी। हर जीव को उसकी ज़रूरत के हिसाब से बनाया गया है। दूसरों का मज़ाक उड़ाने से कोई लाभ नहीं होता।"
नील को अपनी गलती का अहसास हुआ। उसे समझ आ गया कि घमंड और दूसरों को छोटा समझने का परिणाम कितना बुरा हो सकता है।
Moral
बाहरी सुंदरता से कहीं अधिक महत्वपूर्ण आपकी योग्यता और उपयोगिता है।