एक विशाल धान के खेत में, एक चिड़िया अपने दो नन्हे बच्चों के साथ एक घोंसले में रहती थी। बच्चे अभी इतने छोटे थे कि वे उड़ नहीं सकते थे और केवल अपनी माँ के भरोसे थे।
एक दिन खेत का मालिक वहाँ आया और बोला, "धान की फसल तैयार है। कल ही मज़दूर बुलाकर कटाई शुरू कर देंगे।" यह सुनकर बच्चे डर गए। "माँ, क्या वे कटाई करते समय हमारे घर को भी तोड़ देंगे?" उन्होंने घबराकर पूछा। माँ ने उन्हें दिलासा दिया, "डरो मत बच्चों, कल कटाई नहीं होगी।"
अगले दिन भी कटाई नहीं हुई। कुछ दिनों बाद मालिक फिर आया और बोला, "मैंने पास के गाँव से मज़दूर बुला लिए हैं। कल पक्का कटाई होगी!" बच्चे फिर से डर गए। "माँ, क्या हम यहाँ से कहीं और उड़कर चले जाएँ?" उन्होंने विनती की। माँ समझ गई कि दूसरों के भरोसे बैठना ठीक नहीं है। उसने कहा, "हमें किसी के वादे पर भरोसा नहीं करना चाहिए। हमें अपनी सुरक्षा खुद करनी होगी। चलो, अभी चलते हैं!"
अगली सुबह जैसे ही किसान अपने औजार लेकर खेत की ओर बढ़ा, माँ चिड़िया ने बिना देर किए अपने बच्चों को सुरक्षित रूप से पास की एक घनी झाड़ी में पहुँचा दिया। समय रहते सही निर्णय लेने के कारण वे सब सुरक्षित बच गए।
Moral
अपना काम स्वयं करना ही सबसे बड़ी बुद्धिमानी है।