ठंड भरी एक रात, लियो गहरी नींद में सो रहा था। अचानक, उसकी खिड़की पर किसी के धीरे से दस्तक देने की आवाज़ आई। जब उसने आँखें खोलीं, तो वह दंग रह गया! खिड़की के बाहर एक छोटा लड़का खड़ा था, जो सितारों की तरह चमक रहा था।
"नमस्ते लियो!" उस लड़के ने फुसफुसाते हुए कहा। "मैं इस गाँव के नेक लोगों को छोटी-छोटी खुशियाँ बाँटने आया हूँ। क्या तुम मेरा साथ दोगे?"
लियो उत्साह से भर गया। उसने अपना गर्म स्वेटर और टोपी पहनी और खिड़की से बाहर आ गया। उस लड़के के पास एक छोटी सी गाड़ी थी। लियो ने भी गाड़ी को धक्का देने में उसकी मदद की।
"सबसे पहले हमें किसके पास जाना चाहिए?" जादुई लड़के ने पूछा।
"हमें पुराने बरनाबी दादाजी के पास जाना चाहिए," लियो ने सुझाव दिया। "वे अकेले रहते हैं, उन्हें कुछ मीठी चीज़ें पसंद आएँगी।" लड़के ने लियो को मिठाइयों की एक टोकरी दी, और लियो ने उसे दादाजी के दरवाज़े पर रख दिया।
फिर लियो ने कहा, "हमें बगीचे में काम करने वाले सैम के पास जाना चाहिए। वह बहुत मेहनत करते हैं, उन्हें ताजे फल चाहिए।" दोनों ने मिलकर सैम को फलों की टोकरी भेंट की।
पूरी रात लियो उस जादुई दोस्त के साथ खुशियाँ बाँटता रहा। सुबह जब उसकी आँख खुली, तो वह अपने बिस्तर पर था। खिड़की पूरी तरह बंद थी।
"माँ! पिताजी! कल रात एक जादुई लड़का मेरे साथ था!" लियो ने नाश्ते के समय उत्साह से बताया।
उसकी माँ मुस्कुराईं और बोलीं, "लियो, शायद वह एक सुंदर सपना था। लेकिन दूसरों की मदद करने की तुम्हारी इच्छा ही उस लड़के के रूप में तुम्हारे सपने में आई थी।"
"अगर तुम चाहो, तो हम उन सबकी मदद सच में कर सकते हैं," पिताजी ने कहा। उस दिन लियो अपने माता-पिता के साथ गया और दादाजी और सैम को सच में उपहार दिए। उनके चेहरों की मुस्कान देखकर लियो का दिल भर आया।
घर लौटते समय माँ ने कहा, "लियो, तुम्हें किसी जादुई लड़के की ज़रूरत नहीं है। तुम्हारी दयालुता ही तुम्हारी जादू की छड़ी है।"
लियो समझ गया कि अच्छा काम करना ही सबसे बड़ा जादू है।
Moral
हमारी दयालुता ही हमारे जीवन का सबसे बड़ा जादू है।