एक शांत गाँव में सैमुअल नाम के एक बुजुर्ग और बुद्धिमान व्यक्ति रहते थे। एक शाम, जब सूरज ढल रहा था, सैमुअल अपने घर के सामने के आँगन में कुछ बहुत ही व्याकुलता से ढूँढ रहे थे।
पास से गुजर रहे दो बच्चों, लियो और माया ने उन्हें देखा और पास आए। "दादाजी, क्या हुआ? क्या आप कुछ ढूँढ रहे हैं? क्या हम आपकी मदद कर सकते हैं?" लियो ने पूछा।
ya Samuel ने लंबी आह भरते हुए कहा, "हाँ बच्चों, मेरी लकड़ी के संदूक की पीतल की चाबी कहीं खो गई है। मैं उसे ही ढूँढ रहा हूँ।"
लियो और माया तुरंत आँगन की घास और फूलों के बीच चाबी ढूँढने लगे। कुछ देर बाद, माया ने पूछा, "दादाजी, क्या आपको याद है कि चाबी आखिरी बार कहाँ थी?"
सैमुअल ने अपने घर के पीछे के घने और अंधेरे जंगल की ओर इशारा किया और कहा, "मैं पीछे वाले पेड़ के पास बैठा था, वहीं चाबी गिर गई होगी।"
माया उलझन में पड़ गई। "लेकिन दादाजी, अगर चाबी उस अंधेरे जंगल में गिरी है, तो हम यहाँ उजाले में क्यों ढूँढ रहे हैं?"
आस-पास खड़े कुछ गाँव वालों ने यह सुना और हँसने लगे। "देखो, इतने ज्ञानी बुजुर्ग भी कितने मूर्ख हैं! चाबी कहाँ है यह जानते हुए भी, सिर्फ इसलिए यहाँ ढूँढ रहे हैं क्योंकि यहाँ रोशनी है!" उन्होंने मज़ाक उड़ाया।
सैमुअल धीरे से मुस्कुराए और खड़े होकर बोले, "तुम सब सही कह रहे हो। यहाँ रोशनी है, इसलिए ढूँढना आसान है। लेकिन मैं तुम्हें एक सबक सिखा रहा हूँ। जीवन में बहुत से लोग खुशी, शांति और सफलता को गलत जगहों पर ढूँढते हैं—सिर्फ इसलिए क्योंकि वे जगहें आसान, चमकदार और लोकप्रिय होती हैं। लेकिन असली समाधान अक्सर उन कठिन और अंधेरे रास्तों में मिलते हैं जहाँ मेहनत करनी पड़ती है। हमें वहाँ नहीं ढूँढना चाहिए जहाँ सुविधा है, बल्कि वहाँ ढूँढना चाहिए जहाँ सच्चाई है।"
गाँव वाले चुप हो गए और सोचने लगे। उन्हें समझ आया कि वे भी अक्सर जीवन में असली चीज़ों के बजाय आसान चीज़ों के पीछे भागते हैं।
Moral
समाधान वहाँ खोजें जहाँ वे वास्तव में मौजूद हैं, न कि वहाँ जहाँ ढूँढना आसान हो।