Skip to content
आज की चंद्र अवस्था NilaTales हिन्दी
Moral Story

ढोंगी साधु और चतुर सेनापति

The Fake Monk and the Clever Commander

एक समय की बात है, एक गाँव में रवि नाम का एक चोर रहता था। वह कोई काम नहीं करता था और चोरी करके अपना पेट पालता था। जब गाँव में चोरियाँ बढ़ गईं, तो राजा ने एक बुद्धिमान सेनापति को वहाँ भेजा। सेनापति ने ग…

4–10 yr 3 min medium
दिखावे पर न जाएँ, सच्चाई कभी न कभी सामने आ ही जाती है।
ढोंगी साधु और चतुर सेनापति — NilaTales cover art
4–10 yr 3 min medium

पढ़ने का स्वरूप

अपना पसंदीदा फ़ॉन्ट चुनें

अपनी पसंद के फ़ॉन्ट में कहानी पढ़ें।

एक समय की बात है, एक गाँव में रवि नाम का एक चोर रहता था। वह कोई काम नहीं करता था और चोरी करके अपना पेट पालता था। जब गाँव में चोरियाँ बढ़ गईं, तो राजा ने एक बुद्धिमान सेनापति को वहाँ भेजा। सेनापति ने गाँव में कड़ी सुरक्षा लगा दी, जिससे रवि के लिए चोरी करना मुश्किल हो गया। डर के मारे रवि ने सोचा कि क्यों न एक आखिरी बड़ी चोरी की जाए और गाँव छोड़ दिया जाए।

रवि ने मंदिर के कीमती गहने और बर्तन चुरा लिए। पकड़े जाने के डर से उसने अपने चेहरे पर नकली दाढ़ी और मूँछें चिपका लीं और एक साधु का रूप धारण कर लिया। थककर वह एक बड़े बरगद के पेड़ के नीचे सो गया। सुबह जब गाँव वालों ने उसे देखा, तो उन्हें लगा कि वह कोई महान साधु हैं। रवि ने सोचा, 'चोरी करने से तो अच्छा है कि साधु बनकर ही रहा जाए!' उसने साधु का भेष बनाए रखा और लोगों से उपहार और भोजन लेने लगा।

इधर, सेनापति चोर की तलाश कर रहा था। उसे पता चला कि पास के गाँव में एक नया साधु आया है जिसकी बहुत चर्चा है। सेनापति समझ गया कि यह वही चोर हो सकता है। उसने सोचा कि अगर वह सीधे साधु को पकड़ेगा, तो गाँव वाले नाराज हो सकते हैं। इसलिए उसने एक योजना बनाई।

सेनापति एक भक्त बनकर भीड़ में शामिल हुआ और जोर से बोला, 'हे महात्मा! पिछली बार आपने मेरी खोई हुई सोने की कटोरी चमत्कार से वापस दिलाई थी, उसके लिए मैं आपका धन्यवाद करने आया हूँ!' लोग हैरान रह गए। तभी एक दूसरा सैनिक, जो भक्त बना था, बोला, 'महाराज, हमारे मंदिर का सोने का दीपक चोरी हो गया है, कृपया उसे वापस दिला दें!'

रवि घबरा गया। उसने सोचा कि अगर उसने वह दीपक नहीं दिखाया, तो लोग उसे ढोंगी समझ लेंगे। डर के मारे वह अपनी कुटिया में गया और चोरी किया हुआ दीपक लेकर बाहर आया। उसने नाटक किया कि उसने मंत्र पढ़कर दीपक वापस पाया है।

लोग खुश होने लगे, लेकिन सेनापति के सैनिक ने पहचान लिया कि यह वही चोरी हुआ दीपक है। सेनापति आगे बढ़ा और रवि की नकली दाढ़ी खींच दी। दाढ़ी हाथ में आते ही सबका पर्दाफाश हो गया। रवि चोर निकल आया! सैनिकों ने उसे पकड़ लिया। सेनापति ने गाँव वालों से कहा, 'किसी के बाहरी रूप को देखकर उस पर आँख मूँदकर विश्वास न करें।' गाँव वाले अपनी गलती पर शर्मिंदा हुए।

Moral

दिखावे पर न जाएँ, सच्चाई कभी न कभी सामने आ ही जाती है।

The Lesson

दिखावे पर न जाएँ, सच्चाई कभी न कभी सामने आ ही जाती है।

---

இதுபோன்ற கதைகள் · More like this

பாதுகாப்பு கோபுரமும் பொறுப்பற்ற மரங்கொத்தியும்
MORAL

பாதுகாப்பு கோபுரமும் பொறுப்பற்ற மரங்கொத்தியும்

ஒரு அடர்ந்த பச்சைக்காட்டில் பல வண்ணப் பறவைகள் மகிழ்ச்சியாக வாழ்ந்து வந்தன. அந்தப் பறவைகள் அங்கிருந்த பழங்களையும் விதைகளையும் பகிர்ந்து உண்டு வாழ்ந்து வந்தன. ஆனால், அந்த அமைதி ஒருநாள் கலைந்தது. ஒரு கூட…

4–10 yr 2 min read
அறிவாளியும் விசித்திரமான நண்பனும்
MORAL

அறிவாளியும் விசித்திரமான நண்பனும்

ஒரு காலத்தில் சோமநாth என்ற அறிவாளி இருந்தார். அவருடைய புத்திசாலித்தனத்தைப் பற்றிப் பேசும் செய்திகள் பல நாடுகளுக்குப் பரவி இருந்தன. இதைக் கேட்ட பக்கத்து நாட்டு அரசன் விக்கிரமன், சோமநாth ஒரு போலி அறிவாள…

4–10 yr 3 min read
புத்திசாலித்தனத்தின் விலை
MORAL

புத்திசாலித்தனத்தின் விலை

ஒரு அழகான கிராமத்தில், விவசாயம் மற்றும் கால்நடை வளர்ப்பில் சிறந்து விளங்கிய ஒரு பெரியவர் தன் இரு மகன்களுடன் வாழ்ந்து வந்தார். அந்தத் தம்பிகள் இருவரும் மிகவும் சுறுசுறுப்பானவர்கள். ஆனால், மூத்த மகன் கத…

4–10 yr 3 min read
---

படிக்க பரிந்துரைகள்

Recommended books for kids

As an Amazon Associate, NilaTales earns from qualifying purchases. Links above are affiliate links.

Ad — nilatales.com

கதைகளை மிஸ் செய்யாதீர்கள்

Never miss a story

Get new bedtime stories delivered to your inbox every week — in Tamil, English, Malayalam, Hindi, Telugu, and Kannada.

No spam. Unsubscribe anytime. தனியுரிமை உங்களுக்கு.

---