एक सुंदर हरे-भरे गाँव में, मुथप्पा नाम का एक किसान एक बहुत ही प्यारी सफेद गाय पालता था। एक सुबह जब मुथप्पा गाय को देखने गया, तो वह दंग रह गया—गाय गायब थी!
पूरे गाँव में हड़कंप मच गया। सभी लोग गाय को खोजने निकले। अंत में, नदी के किनारे उन्हें गाय के खुरों के निशान और एक इंसान के पैरों के निशान मिले। लेकिन नदी के दूसरी ओर जाने के बाद कोई निशान नहीं बचा। ग्रामीणों को लगा कि चोर गाय को नदी के रास्ते ले गया है।
मदद के लिए उन्होंने पास के गाँव के बुद्धिमान सोमू को बुलाया। सोमू गाँव आया और उस जगह की बारीकी से जाँच की जहाँ गाय बँधी थी। गाय के गले में एक बड़ा पीतल का घंटा था, जिसे एक मजबूत लोहे के छल्ले से बहुत मजबूती से बाँधा गया था। यदि चोरी के दौरान घंटा बज जाता, तो चोर पकड़ा जाता। इसका मतलब था कि चोर ने बहुत ही सावधानी से और बिना आवाज़ किए घंटा निकाला होगा।
सोमू ने गहराई से सोचा और ग्रामीणों से पूछा, 'इस गाँव में ऐसा कौन है जिसके पास इस लोहे के छल्ले को इतनी सटीकता और शांति से हटाने का हुनर है?'
गाँव वालों ने कुछ देर सोचा और फिर कहा, 'हमारे गाँव का लोहार, करुप्पन, ही लोहे के ऐसे बारीक काम में माहिर है।'
सोमू ने तुरंत करुप्पन को बुलाकर पूछताछ की। सोमू की चतुराई भरी बातों से घबराकर करुप्पन ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि गाय इतनी सुंदर थी कि वह खुद को चोरी करने से रोक नहीं पाया। सोमू की बुद्धिमानी से गाय सुरक्षित वापस मिल गई।
Moral
बुद्धिमानी और सावधानी से सच का पता लगाया जा सकता है।