एक शांत गाँव में करी नाम का एक लड़का रहता था। उसे पेड़-पौधों और पक्षियों से बहुत लगाव था। एक दोपहर, करी अपने दोस्त सैम के साथ बगीचे में खेल रहा था। खेलते-खेलते सैम ने एक छोटा पत्थर उठाया और पेड़ की टहनी पर बैठी एक नन्हीं चिड़िया की ओर निशाना साधने लगा। 'देखो, मैं इसे मारता हूँ!' सैम हँसते हुए बोला।
करी ने उसे रोका, 'सैम, ऐसा मत करो। चिड़िया को चोट लग सकती है।' सैम ने लापरवाही से कहा, 'अरे, यह तो बस एक खेल है। चिड़िया को क्या फर्क पड़ेगा?'
सैम को समझाने के लिए करी ने एक छोटा सा काम किया। उसने पास के एक गुलाब के पौधे से एक छोटा सा कांटा लिया और उसे अपनी उंगली पर धीरे से चुभा लिया। 'आह!' करी दर्द से चिल्लाया और उसकी आँखों में आँसू आ गए। सैम डर गया और बोला, 'करी! क्या हुआ? तुम्हें बहुत दर्द हो रहा है ना?'
करी ने शांति से कहा, 'सैम, इस छोटे से कांटे ने मुझे जितना दर्द दिया, उतनी ही तकलीफ उस नन्हीं चिड़िया को भी होगी। अगर मुझे दर्द सहना अच्छा नहीं लगता, तो हमें दूसरों को दर्द क्यों देना चाहिए?'
सैम को अपनी गलती का अहसास हुआ। उसने पत्थर नीचे फेंक दिया। उस दिन के बाद से, सैम और करी दोनों ने मिलकर हर छोटे जीव की रक्षा करने का संकल्प लिया।