एक छोटे से गाँव में लियो नाम का एक लड़का अपने दादाजी के साथ रहता था। लियो को अपनी चीज़ों से बहुत लगाव था। उसे लगता था कि उसके खिलौने और उसकी सुंदर चीज़ें हमेशा उसके पास रहेंगी। एक दिन दादाजी ने उसे समझाया, "बेटा लियो, यह दुनिया बहुत अनोखी है। जो आज है, वह कल नहीं होगा। यहाँ कुछ भी स्थायी नहीं है।"
लियो ने उनकी बात को हँसकर टाल दिया। लेकिन कुछ ही दिनों बाद गाँव में भारी बारिश और बाढ़ आ गई। बाढ़ में लियो के सभी पसंदीदा खिलौने बह गए। लियो बहुत रोया और उदास हो गया। तब दादाजी ने उसके सिर पर हाथ रखकर कहा, "देखा लियो? जो कल तुम्हारे पास था, वह आज नहीं है। यही संसार का नियम है। हमें चीज़ों पर घमंड नहीं करना चाहिए, क्योंकि वे आती-जाती रहती हैं। हमें केवल प्रेम और अच्छे कर्मों को सहेज कर रखना चाहिए।"
लियो समझ गया कि वस्तुएं आती-जाती रहती हैं, लेकिन परिवार का प्यार और अच्छे संस्कार ही जीवन की असली पूंजी हैं।