एक घने जंगल के पास बसे एक शांत गाँव में आर्यन नाम का एक लड़का रहता था। आर्यन बहुत जिज्ञासु था। उसके मन में हमेशा एक सवाल रहता था, 'हम यह सब क्यों करते हैं? जीवन का असली उद्देश्य क्या है?' उसके दादाजी एक ज्ञानी व्यक्ति थे। वे आर्यन को कई कहानियाँ सुनाते थे। एक शाम आर्यन ने पूछा, 'दादाजी, लोग कहते हैं कि हमें बार-बार जन्म लेना पड़ता है। क्या यह सच है?'
दादाजी ने एक छोटा दीया जलाया और कहा, 'आर्यन, जब तक यह दीया जल रहा है, प्रकाश रहेगा। लेकिन क्या तुमने सोचा है कि इस प्रकाश का असली स्रोत क्या है? यदि तुम उस प्रकाश के वास्तविक स्वरूप को समझ लो, तो दीया बुझ जाने पर भी तुम अंधकार में नहीं रहोगे।'
आर्यन ने कई दिनों तक गहराई से विचार किया। उसने केवल कहानियाँ नहीं सुनीं, बल्कि प्रकृति की सच्चाई और लोगों के प्रेम को समझने की कोशिश की। उसने अपने मन को शांत और एकाग्र किया। एक शाम, जब सूरज ढल रहा था, आर्यन को एक असीम शांति का अनुभव हुआ। उसने समझ लिया कि जो बदल रहा है, उसके पीछे एक सत्य है जो कभी नहीं बदलता। उस सत्य को जानने के बाद, उसके मन से मृत्यु और पुनर्जन्म का सारा डर मिट गया। उसने उस परम सत्य को पा लिया था।