बहुत समय पहले की बात है, एक विशाल राज्य में आर्यन नाम का एक राजा रहता था। वह बहुत शक्तिशाली था, लेकिन स्वभाव से थोड़ा कठोर था। एक बार उस राज्य में भीषण सूखा पड़ा। लोग भोजन के लिए तरसने लगे। राजा ने अपने भंडार खोल दिए और लोगों को अनाज बाँटा। लेकिन, उसने यह काम बहुत ही अधिकारपूर्ण तरीके से किया। वह कहता, 'यह लो, यह तुम्हें दिया जा रहा है।' लोगों को अनाज तो मिला, लेकिन राजा के कठोर व्यवहार से उनके मन में खुशी नहीं थी।
उसी समय, पास के गाँव से जूलियन नाम का एक युवक गुजर रहा था। उसके पास बहुत धन तो नहीं था, पर उसका दिल बहुत बड़ा था। उसने देखा कि एक बूढ़ी महिला प्यास और भूख से व्याकुल है। जूलियन उसके पास गया और बहुत प्यार से बोला, 'माता जी, कृपया परेशान न हों। मुझे आपकी मदद करके बहुत खुशी होगी।' उसने अपना भोजन और पानी उस महिला के साथ साझा किया। महिला की आँखों में खुशी के आँसू आ गए। उसे भोजन से ज्यादा जूलियन की मीठी बातों ने सुकून दिया।
जब राजा आर्यन को यह पता चला, तो उसने जूलियन को दरबार में बुलाया। राजा ने कहा, 'जूलियन, मैंने उन्हें केवल पेट भरने के लिए अनाज दिया, लेकिन तुमने उन्हें सम्मान और प्रेम दिया। मैंने उन्हें आदेश दिया, पर तुमने उन्हें अपना बनाया।' राजा को अपनी गलती का अहसास हुआ। उस दिन के बाद से, राजा ने अपनी वाणी में मिठास ला दी और हमेशा मुस्कुराकर लोगों की मदद करने लगा। पूरा राज्य अब डर से नहीं, बल्कि प्रेम से राजा का सम्मान करता था।