एक सुंदर गाँव में मलर नाम की एक लड़की रहती थी। उसकी आँखें कमल के फूलों की तरह कोमल थीं। एक रात, आसमान में चाँद बहुत चमक रहा था। कवि नामक एक लड़के ने चाँद को देखकर कहा, 'ओ चाँद! तुम कितने भव्य और चमकदार हो!'
लेकिन कवि ने कुछ महसूस किया। चाँद अपनी चमक का प्रदर्शन करने के लिए बहुत उत्सुक लग रहा था। वह हर पहाड़ और हर नदी पर अपनी रोशनी बिखेर रहा था, मानो वह कह रहा हो, 'मुझे देखो!' दूसरी ओर, मलर चुपचाप अपने रास्ते से गुजर रही थी। उसने किसी का ध्यान खींचने की कोशिश नहीं की, लेकिन उसकी सादगी में एक अद्भुत चमक थी।
कवि को समझ आया कि चाँद की चमक बहुत शोर भरी थी, जबकि मलर का सौंदर्य एक शांत रहस्य की तरह था। जो बिना दिखावा किए दिल को छू ले। चाँद ने यह सीखा कि यदि उसे मलर जैसी कोमलता और सुंदरता प्राप्त करनी है, तो उसे पूरी दुनिया के सामने प्रदर्शन नहीं करना चाहिए, बल्कि एक शांत और गरिमामय रूप में रहना चाहिए।