एक सुंदर पहाड़ी गाँव में मीरा नाम की एक लड़की रहती थी। उसका सबसे अच्छा दोस्त आर्यन था। वे दोनों हमेशा साथ रहते थे। लेकिन एक दिन आर्यन को अपने परिवार के साथ दूर शहर जाना पड़ा। जब आर्यन जाने लगा, तो मीरा बहुत उदास हो गई। उसने रोते हुए पूछा, 'अगर तुम चले गए, तो मैं क्या करूँगी?'
आर्यन ने मुस्कुराते हुए कहा, 'मीरा, मैं तुम्हारी आँखों में ही रहूँगा। तुम पलकें झपकोगी, तब भी मैं तुम्हें छोड़कर कहीं नहीं जाऊँगा।' मीरा को यह बात समझ नहीं आई। उसने अपनी आँखें बंद कीं और खोलीं।
जैसे-जैसे दिन बीतते गए, मीरा ने एक जादू महसूस किया। जब भी वह फूलों को देखती या बहती नदी को, उसे आर्यन की मुस्कुराहट अपनी आँखों के सामने महसूस होती। वह अकेली थी, फिर भी उसे अकेलापन नहीं लगता था क्योंकि आर्यन का प्यार उसकी आँखों में बसा था। उसने सीखा कि सच्चा प्रेम केवल पास होने का नाम नहीं है, बल्कि वह हमारी यादों और हमारी दृष्टि में हमेशा जीवित रहता है।