एक शांत गाँव में एलारा नाम की एक लड़की रहती थी। वह बहुत सुंदर चित्र बनाती थी। एलारा और जूलियन एक-दूसरे से बहुत प्रेम करते थे। जब जूलियन को अपने परिवार की ज़िम्मेदारी निभाने के लिए दूर जाना पड़ा, तो उसने एलारा का हाथ थामकर कहा था, 'डरो मत एलारा, मैं तुम्हारे लिए वापस ज़रूर आऊँगा।'
महीने बीत गए, लेकिन जूलियन वापस नहीं आया। गाँव के लोग एलारा के बारे में तरह-तरह की बातें करने लगे। वे उसका मज़ाक उड़ाते और कहते, 'वह किसी अजनबी के इंतज़ार में अपना जीवन बर्बाद कर रही है।' शुरू में एलारा को बहुत शर्म महसूस हुई। वह लोगों के सामने सिर झुकाकर चलती थी और उसकी आँखों में आँसू होते थे।
एक शाम, नदी के किनारे बैठी एलारा ने जूलियन की बात याद की। उसने सोचा, 'जिसने मुझे निडर रहने को कहा, वही आज मेरे पास नहीं है। अगर वह व्यक्ति ही चला गया, तो फिर मुझे इन लोगों की बातों से शर्मिंदा होने की क्या ज़रूरत है?'
उस दिन के बाद एलारा बदल गई। उसने लोगों की बातों पर ध्यान देना छोड़ दिया और गर्व के साथ अपने काम में जुट गई। उसने समझ लिया कि उसका इंतज़ार करना उसकी कमज़ोरी नहीं, बल्कि उसके प्रेम की सच्चाई है। अब गाँव की कोई भी बात उसे विचलित नहीं कर सकती थी।