एक शांत गाँव में अर्जुन और मीरा नाम का एक जोड़ा रहता था। उनका प्यार बहुत गहरा था। एक बार, अर्जुन को काम के सिलसिले में शहर जाना पड़ा। जाने से पहले उसने मीरा से कहा, "मैं जल्दी वापस आ जाऊँगा, तुम चिंता मत करना।"
दिन बीतते गए, लेकिन काम की वजह से अर्जुन को आने में देरी हो गई। मीरा का मन हर पल अर्जुन की यादों में डूबा रहता था। उसकी आँखों में बस अर्जुन का ही चेहरा रहता था। उसकी हँसी और उसकी बातें मीरा के दिल में गूँजती रहती थीं। उसने अर्जुन को अपने हृदय में बसा लिया था।
जब अर्जुन वापस आया, तो उसने देखा कि मीरा की आँखों में इंतज़ार की थकान है। अर्जुन को एहसास हुआ कि मीरा उसे कितना याद कर रही थी। उसने सोचा, 'अगर मैंने उसे अपने दिल में बसाया है, तो क्या मुझे उसके विचारों में बार-बार आकर उसे तड़पाने में शर्म नहीं आनी चाहिए?' मीरा की इस गहरी भावना को देखकर अर्जुन भावुक हो गया। उसने उसे गले लगा लिया और वादा किया कि वह अब कभी उसे अकेला नहीं छोड़ेगा।