एक शांत गाँव में इला और जूलियन नाम का एक जोड़ा रहता था। जूलियन एक मेहनती व्यक्ति था जो अपने परिवार की भलाई के लिए दूर-दराज के इलाकों में काम करने जाता था। एक बार, काम की व्यस्तता के कारण जूलियन को घर लौटने में बहुत देरी हो गई। इस दौरान इला बहुत अकेली और उदास रहने लगी। उसके विरह के दुख ने उसके स्वास्थ्य पर बुरा असर डाला। उसने खाना-पीना कम कर दिया और वह बहुत कमजोर हो गई। उसका शरीर इतना क्षीण हो गया कि उसके कंधे झुक गए और उसकी कलाई के कंगन ढीले होकर फिसलने लगे।
गाँव के लोगों ने जब यह देखा, तो वे बातें करने लगे, 'जूलियन बहुत निर्दयी है, उसने अपनी पत्नी को इस हालत में छोड़ दिया।' जब इला ने यह सुना, तो उसका दिल टूट गया। उसे जूलियन पर गुस्सा नहीं था, बल्कि इस बात का दुख था कि लोग उसे बुरा कह रहे थे। उसने अपनी सहेली से कहा, 'वह निर्दयी नहीं है। केवल उसके बिना रहने के दुख और उसकी याद में मेरा शरीर इतना कमजोर हो गया है। उसे निर्दयी कहना मेरे हृदय को छलनी कर देता है।'
जब जूलियन वापस आया, तो इला की हालत देखकर वह बहुत दुखी हुआ। लेकिन इला ने उसे देखकर मुस्करा दिया। गाँव वालों को समझ आया कि इला का कमजोर होना जूलियन की क्रूरता नहीं, बल्कि उसके प्रति उसके गहरे प्रेम का प्रमाण था।