एक छोटे से गाँव में आर्यन और मीरा रहते थे। उनका प्यार बहुत गहरा था। एक बार आर्यन को काम के सिलसिले में कुछ समय के लिए शहर जाना पड़ा। विदाई का समय आया तो मीरा ने अपना दुख छिपाने के लिए गुस्सा करने का नाटक किया। उसने मुँह फेर लिया और कहा, 'जाओ, अब कभी वापस मत आना!'
आर्यन ने मीरा का हाथ थाम लिया और बहुत प्यार से कहा, 'मीरा, मैं वादा करता हूँ कि इस जीवन में मैं तुम्हें कभी छोड़कर नहीं जाऊँगा। मैं हमेशा तुम्हारे साथ रहूँगा।' आर्यन की यह बात सुनकर मीरा का गुस्सा पल भर में गायब हो गया। उसकी आँखें आँसुओं से भर आईं। वे आँसू उसके गुस्से के नहीं, बल्कि आर्यन के वादे के प्रति उसके गहरे प्रेम और विश्वास के थे। उस पल में, दोनों ने बिना कुछ कहे एक-दूसरे के प्रति अपना समर्पण महसूस किया।