एक छोटे से गाँव में आर्यन और मीरा रहते थे। दोनों के बीच बहुत गहरा प्रेम था। एक शाम, जब वे बगीचे में बैठे बातें कर रहे थे, तभी आर्यन को अचानक एक ज़ोरदार छींक आई—'आछूँ!'
पहले तो मीरा ने बड़े प्यार से कहा, 'अपना ख्याल रखिए, कहीं आपको ठंड न लग जाए।' लेकिन अगले ही पल उसका चेहरा बदल गया। उसकी आँखों में आँसू आ गए और उसने उदास होकर पूछा, 'आप किसके बारे में सोच रहे थे? किसके ख्याल में आपको छींक आई?'
आर्यन हैरान रह गया। उसने कहा, 'अरे, मैं तो कुछ नहीं सोच रहा था, बस यूँ ही छींक आ गई।'
मीरा ने थोड़ा रूठते हुए कहा, 'नहीं, लोग कहते हैं कि जब हम किसी खास के बारे में सोचते हैं, तभी छींक आती है। क्या आप मेरे बजाय किसी और के बारे में सोच रहे थे?'
आर्यन मुस्कुराया और मीरा का हाथ थामकर बोला, 'मेरे दिल में सिर्फ तुम हो, तुम्हारे अलावा और कोई मेरे ख्यालों में नहीं आ सकता।' मीरा की उस छोटी सी नाराजगी के पीछे छिपे गहरे प्रेम को आर्यन समझ गया। मीरा की आँखों के आँसू मुस्कुराहट में बदल गए।